शिक्षक: बहुत दिन हो गए कुछ नया नहीं किया अपन लोगो ने.
बच्चे: Yes सर
शिक्षक: तो ठीक है आज सब लोग कविता बनायेंगे|
बच्चे : क्या?? हम?? कैसे?? हमे नहीं आता कविता बनाना| हम नहीं बना रहे| सर कुछ आसन काम बताओ|
शिक्षक: अरे कविता बनाना तो बहुत आसन काम है| बस एक टोपिक सोच लो और कर दो शुरू लिखना|
( बच्चे अभी तक शिक्षक की दलील से सहमत नहीं हुए थे| वो अभी भी न नुकुर कर रहे थे| )
एक बच्चा- सर मुझे कविता बनाना नहीं आता |
शिक्षक- अरे वाह! क्या नाम रखा है तुमने कमाल कर दिया अब कविता का नाम तो फिक्स हो गया -
" मुझे कविता बनाना नहीं आता"
अच्छा रवि अगली लाइन तुम बताओ
रवि - सर !!!
(पूरी क्लास रवि की तरफ दया भाव से देख रही थी और excite भी हो रही थी की रवि क्या बोलेगा |)
शिक्षक- बोलो रवि बोलो |
रवि- नहीं आता, नहीं आता
शिक्षक - लो मिल गयी लाइन
- "नहीं आता , नहीं आता, मुझे कविता बनाना नहीं आता|"
- सौरभ अगली लाइन तुम बनाओ |
सौरभ- "पर टीचर मुझको सिखलाते हैं |"
शिक्षक - आज से सौरभ का नाम बदल कर कविराज सौरभ कर देते है| क्या लाइन बनायीं है
(अब तक पूरी क्लास excited हो चुकी थी और मन ही मन अगली लाइन सोच रही थी|)
शिक्षक - सुधांशु तुम बनाओ अगली
सुधांशु- "मेरे डर को मार भगाते हैं|" (खुश होते हुए पूरी क्लास पर इस तरह नज़र डालता है की जैसे कोई किला जीत लिया हो |)
शिक्षक- अच्छा अगली लाइन अsss- -- कौन बताएगा ??
(सारी क्लास confuse थी, कभी हाथ ऊपर करते तो कभी हाथ नीचे, फिर पड़ोस वाले को बताते की देख मैंने ये बनाई)
अच्छा अगली लाइन शिल्पा बताएगी
शिल्पा- "मुझ को नयी राह दिखाते हैं |" (कृतज्ञ भाव से मुस्कराते हुए बैठ जाती है)
शिक्षक - मुझे लगता है की ये क्लास तो कवियों से भरी पड़ी है| कहाँ थे तुम लोग अब तक ?
कुलदीप ( आँखे मटकाते हुए) - सर आप नहीं मिले न आज तक!!
शिक्षक - अच्छा भाई अच्छा अब अगली लाइन पर आते हैं अब किसका नंबर लेना हैं ?? निरिष जरा देखे तो तुमने क्या बनाया हैं ?
निरिष - (अब तक तैयारी कर चुका था, उछलते हुए खड़ा हो के बोला) - "सब को कविराज बनाते हैं |"
इतने में ही घंटी बजती है- किसी का मन नहीं था आज अगली क्लास में जाने का सब की creativity बाहर फूटने लगी थी, सभी के मन में अचिएवेमेंट की फीलिंग थी मन प्रसन था, उछलने का मन कर रहा था | सब ने मिल के कविता बनाना शुरू कर दिया था जो कुछ ऐसी थी -
" मुझे कविता बनाना नहीं आता
नहीं आता , नहीं आता, मुझे कविता बनाना नहीं आता|
पर टीचर मुझको सिखलाते हैं, मेरे डर को मार भगाते हैं|
मुझ को नयी राह दिखाते हैं, सब को कविराज बनाते हैं |"
शिक्षक- (जाते हुए) अच्छा चलो सब के लिए एक काम हैं आज हमारी कविता पूरी नहीं हुई कल सब लोग पूरी बना के लायेंगे और क्लास में सब को सुनायेंगे
आज सब लोग वह सीख गए थे जो किताब कभी नहीं सिखा पाती | फिर सब ने दिन रात लग कर कविता बनाई और अगले दिन सबको सुनाने का आनंद और इनाम पाया|
Courtesy - चंद्रशेखर सर ( my class teacher of class 9)
Awesome... Although life is a teacher but when teacher teaches the way to live, life becomes wonderful... :)
ReplyDeletedefinitely true....:)
ReplyDeleteyou always amuse me by your short stories. great illustration of how a teacher should empower their students
ReplyDeleteIt's very true that"there is a poet in side every person " and its in sleep mode , the only need is to wake up that poet.. then you will find a new color of life...
ReplyDeletegud way to arouse creativity
ReplyDeletestill in process of learning...:) u ppl helped me a lot being a teacher
Deleteexactly,, a teacher alwayz take out the hidden talent of his student.. btw, very much inspirational.. :)
ReplyDeletegood story, thanks for sharing this with us. please keept it up.
ReplyDeleteregards
kuldeep
kuldeep ji main ne kaha na ki aap logo ko hi credit jaata hai in sab ka... :)
Deletemast likhte ho sudhanshu bhai..
ReplyDeletetum to really good teacher cum actor ban gaye ho... jo ki kitab se bahar life ka lession students ko padate ho...
Regard,
Jitendra Bansal
thankx secy....kya haal hai tere and bhabhi ji ke or tumhare newborn baby ke?
Deleteloved it....
ReplyDeletei hope everybody get such lovely teachers....